Thursday, December 22, 2016

सियासत है... जो कि जागने नहीं देती, जनता है... जो कि जागना भी नहीं चाहती...




प्रिय देशवासियों,

यदि आप एक ऐसे दल की सरकार चुनते हैं जो लंबे समय तक विपक्ष में रहकर शासन में आई है वह आपकी समस्याएँ कतई नहीं सुनेगी ही उनका समाधान ढूंढेगीक्यों जनता की आवाज़ उस तक पहुंचेगी नहीं और विपक्ष  जब-जब  जनता की आवाज बनेगा - सत्ता और जनता द्वारा उससे यह प्रश्न कर लिया जाएगा आपने इतने समय में क्या किया....??

सरकार में रहते हुए किसी दल से कोई कमी रह गयी, उसीको आधार बनाकर तो दूसरा दल सत्ता पर काबिज होता है फिर क्यों पूरे शासनकाल में भारतीय जनता पार्टी अपने काम से जवाब देने के बजाय उसी आधार को अपना जवाब बना देती है...

आजादी के बाद देश हमें किन हालातों में मिला यह आप उस समय का इतिहास उठाकर देख लीजिये, आज हम इसे यहां तक लाए... ठहराव, बिखराव, दुर्दशा और विदेशी शासन से शोषित और पीड़ित भारतवर्ष को आज का भारत बनाया, एक ऐसा देश आपको दिया जिसके प्रधानमंत्री बनकर नरेन्द्र मोदी छाती फुलाए घूम रहे हैं, लेकिन मूलभूत समस्याएँ गरीबी, बेगारी, महंगाई, हिंसा, आतंकवाद ऐसे विषय हैं जिनपर लागातार काम करना होता है, यह एक सतत प्रक्रिया है...

हम ऐसी योजनाएं लाए जिनसे लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठा, हमने रोजगार की गारंटी दी, बच्चों को भोजन का अधिकार दिया, गरीब को सस्ता अनाज उपलब्ध करवाया, जो हिंदुस्तान अँधेरे में जी रहा था बिजली से रौशन किया, रेल के जाल बिछे, बड़े-बड़े राजमार्गों से पूरा हिंदुस्तान जुड़ गया, हवाई जहाज उड़ने लगे, बनने लगे, हमने अपना यान तक मंगल भेज दिया.... पूरे विश्व में भारतीय अपनी प्रतिभा की वजह से काम करने लगे, सामाजिक कुरीतियों ने भारत को जकड रखा था हमारे समय में ऐसे बदलाव हुए, क्रांतिकारी कदम उठे जिनसे बंधन टूटे और सोच आजाद हुई... अनगिनत उपलब्धियां हैं जिनपर हम सर उठाकर कहते हैं कि ये हमने किया...

विश्व पटेल पर, भारत के कारण नरेन्द्र मोदी को जाना गया नरेन्द्र मोदी भारत की पहचान नहीं हैं, और यदि कोई ऐसा समझता है तो भ्रम का कोई समाधान नहीं....

भारतीय जनता पार्टी पिछले शासन में भ्रष्टाचार की बात करती है तो मैं बिलकुल साफगोई से कहता हूँ, जो हुआ उसकी जांच हुई, मंत्री तक जेल गए, मुक़दमे हुए लेकिन आप क्या कर रहे हैं मोदी जी.....!!

  • क्या आपने ललित गेट में श्रीमती स्वराज और श्रीमती राजे की जांच करवाई...?
  • क्या राजस्थान में खान घोटाले कि आपने सुध ली...?
  • क्या आपने व्यापम घोटाले में शिवराज जी का इस्तीफा ले लिया...?
  • क्या आपने व्यापम के फेर में मौत के मूंह में समाए लोगों को न्याय दिलवाने की कोशिश की...?
  • क्या आप अगस्ता वेस्टलैंड की जांच करवाएंगे...?
  • क्यूँ आपने चिक्की घोटाले में मुंडे को क्लीन चिट दिलवा दी...?
  • कैसे आपका एक तथाकथित सन्यासी मित्र 2 वर्षों में हर चीज का निर्माता बन गया...

सवाल बहुत हैं, पर आपके पास मजाक और कुतर्क के अलावा कोई जवाब होगा ये मैं नहीं मानता...

हमारे समय में जिन जगह बिजली के कनेक्शन नहीं पहुंचे, जिनको रोजगार नहीं मिला, जिनकी गरीबी  दूर नहीं हुई, जो अशिक्षित रह गए, तमाम ऐसी चीजें जिन्हें आप गिनाते हो वे अब आपके लिए मुद्दा नहीं हैं वो आपकी जिम्मेदारियां हैं, उन्हें पूरा करने के लिए ही आप आए हैं, लेकिन उसी जगह आप मनोरंजन कर रहे हैं... मनोजरंजन के लिए सबके पास टेलीवीजन है और कइयों के पास मुफ्त का जियो इंटरनेट भी है, भारत की जनता ने आपको सार्वजनिक मंच से अपने मनोरंजन के लिए नहीं चुना और ही इसलिए चुना है की आप अब भी 60 वर्ष का रिकॉर्ड अलापते रहें, उसका किस्सा तो आपके प्रधानमंत्री बनने के साथ ही खत्म हो जाना चाहिए था क्योंकि उसीके कारण आपको मौक़ा दिया गया है, लेकिन आप लगातार जनता को गुमराह कर रहे हैं, अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं...

आप अपने वादे पूरे करिये जो कहा है उसे करके दिखाइए वरना आप इतिहास में एक ऐसे प्रधानमंत्री के तौर पर दर्ज होकर रह जाएंगे जो बेहद लोकप्रिय था लेकिन कर कुछ नहीं पाया....

मुझे बेहद अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है की भारत की जनता भी यह सवाल नहीं कर रही है कि अब आप पिछला नहीं गिनाइए, अपना बताइये, वो उन वादों और दावों को भी भूल रही है जिसके लिए उसने कड़ी से कड़ी जोड़ी है... यह हर हिंदुस्तानी का अधिकार है की वह सवाल करे अपने हित कि सोचे, यदि वह एक दल को छोड़कर दूसरे दल को चुनती है तो तुलना करे... अपने हितों के लिए जब आप स्वयं नहीं सोचेंगे तो आप मोहरे बनकर रह जाएंगे...!
जागिये क्योंकि हिंदुस्तान की तरक्की उसके जागरूक नागरिकों से जुडी है....

खामोश आवाम से इंक़लाब नही हुआ करते
आवाज़ से घबराती है सियासतें हुक्मरानों की