Thursday, July 14, 2011

आतंकी हमले....

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जहां बीते दिन लगातार हुए धमाकों से जो जानें चली गई हैं और जितने लोग घायल हुए हैं उन सब के लिए आप और हम दुःख व्यक्त करने के सिवाय कुछ नहीं कर सकते, आपकी और हमारी संवेदनाएं हादसे में पीड़ित लोगों के लिए पूरी तरह समर्पित हैं, लेकिन क्या हम उनकी पीड़ा दूर कर सकते हैं.....?

देश में लगातार आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, इसके बावजूद चाहे वो सरकार हो, या हम सब आम आदमी, अपनी जिम्मेदारी ढंग से नहीं निभा पा रहे हैं और इसी लिए कोई भी ऐसी घटनाओं को आकर अंजाम दे जाता है......

मैं भी यही मानता हूँ की आम जन की और हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है लेकिन साथ ही साथ इस व्यवस्था का एक अंग होने के नाते हमारी भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं क्या जा सकता, मेरे शहर जयपुर में भी ऐसे ही धमाकों की वजह से 80 लोग मारे गए थे और जहां-जहां ये घटना घटी वहां आज भी कोई भी अनजान आदमी जाकर फिर ऐसी ही किसी भी घटना को अंजाम दे सकता है क्योंकि हम सचेत नहीं हैं, जितनी जिम्मेदारी सरकार की है उतनी ही जिम्मेदारी हमारी भी है.

पिछले वर्षों में देश में आए दिन होने वाले सिलसिलेवार बम धमाके.... आए दिन मिलने वाली आतंकी धमकियां.... दहशतगर्दी के साए में जीते लोग.....



आखिर कब तक इस तरह निर्दोष लोग मौत के साए में समाते रहेंगे......?
कब तक हम आतंकी हमलों की बरसी मनाते रहेंगे......?
आखिर कब तक आतंककारी इस देश को अपनी सैरगाह बनाए रखेंगे.......?



कब तक हम सुरक्षा एजेंसियों के भरोसे अपनी नाक के नीचे इस तरह की गतिविधियों को अंजाम होते देखते रहेंगे.....?

सुरक्षा व्यवस्था अपनी जिम्मेदारी मुस्तैदी से निभाएं इसके लिए हर संभव उपाय होने चाहियें लेकिन एक तथ्य जो पूर्णतया सत्य है, जैसे हम अपने घर की सुरक्षा करते हैं उसी तरह कम से कम अपने आस-पास,यदि हम कही बाहर हैं तो अपने संपर्क में आने वालों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं.......हर संदिग्ध गतिविधि पर हमें गौर करना होगा, हमारी जागरूकता से देश के प्रति बुरी नीयत रखने वालों के हौसले पस्त होने लगेंगे....

जब हम चौकस रहने लगेंगे,अपनी और अपनों की सुरक्षा से ऊपर उठकर जब हम देश की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील होंगे तो देश को नुकसान पहुचाने वाला 100 बार सोचेगा..... हमारी मुस्तैद और सजग प्रहरी के रूप में भूमिका देश को आसान शिकार समझने वालों पर लगाम कसेगी......

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