Tuesday, July 27, 2010

मेरी एक छोटी सी पहल........................



हम लोगो में एक आदत है की हम उपदेश और सलाह बहुत अच्छी देते हैं और वो भी बिना मांगे.........!!!!! मुझे भी लगा की बातें अब बहुत हो गई, मैंने भी विचारों और भावनाओं के माध्यम से जल को बचाने और संरक्षित करने की दलीलें बहुत दे दी...........

मेरा मन नहीं माना, मुझे लगा की कही कोई कमी है..... इसलिए मैंने तुरंत अपने घर के बीचोबीच घास के बगीचे के लिए जो जगह थी उसको खुदवा डाला, मैंने बहुत सोच-विचार कर बारिश के पानी को संरक्षित करने और रोजाना घरेलु उपयोग में आए हुए जल को धरती के गर्भ में पहुचाने का प्रारूप तैयार किया।

मैने अपने पास उपलब्ध जगह में एक 10*10 फीट चौड़ा और 10 फीट गहराई वाला बड़ा टेंक तैयार किया जोकि नीचे से पूरा पक्का था और इसी के साथ एक छोटा टेंक 3*3 फीट चौड़ा और लगभग 25 फीट गहराई वाला तैयार किया, जोकि नीचे से कच्चा था। अब मैंने दैनिक उपयोग में आए हुए जल के निकास को उस कच्चे टेंक के साथ जोड़ दिया ताकि वो शुद्ध होकर सीधा धरातल में जाता रहे।

और दुसरे वाले टेंक को मैंने पुरे घर के बारिश वाले पानी के निकास-द्वार से जोड़ दिया ताकि बारिश का पूरा पानी उसमे एकत्रित हो सके और साथ ही उसके पुरे भरने के बाद, अतिरिक्त जल का निकास उस कच्चे टेंक के साथ जोड़ दिया, जिस से इसके भरने के बाद बचा हुआ जल भी सीधा जमीन में जाता रहे। मैंने ये महसूस किया की इस तरह करने से जल व्यर्थ नहीं बहेगा और सीधा जमीन में जाकर जल के स्तर की वृद्धि में सहायक होगा।

आज जब बारिश का मौसम है और इस दौरान मेरे घर से पानी ,की एक बूँद भी व्यर्थ बाहर नहीं जाती है तो ये देखकर मेरे दिल को जो सुकून मिलता है उसे मैं बयान नहीं कर सकता, लगता है की मैं अब अपनी भूमिका का निर्वहन वास्तविक और सही रूप में कर रहा हूँ।

मैं चाहता हूँ की मैंने जो छोटी सी पहल की है इसी प्रकार किसी भी रूप में जल को धरती के गर्भ में पहुचाने के लिए आप जो भी प्रयास कर सकते हैं जरुर करें.........




6 comments:

  1. स्वयं का सुधार सबसे पहली आवश्यकता है। आपकी पहल क अनुकरण होना चाहिये।

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  2. Aap sarahnija kaarya kar rahe hain. Varun Kaul

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  3. बहुत ही अच्छा और सार्थक प्रयास,इसी तरह अच्छा सोचने और उसे यथाशक्ति जमीनी स्तर पर उतारने से ही बदलाव आएगा |

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  4. Lokeshji,
    You are doing all kind of harvesting....you can understand what do I mean! Its good that your heart and emotions are still alive and you can think for the future and even pumping your efforts.
    Do it like anything....!!!

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  5. we all shd learn somthing frm him & shd start saving WATER!!

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  6. good work, kash sab log apki tarah sochne lage or use vastvik roop se apne jivan me la sake....

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