Thursday, May 6, 2010

साल में सिर्फ एक दिन माँ....

आओ मदर्स डे भी मना लें!!! एक दिन माँ को महान बताकर खुद को महान साबित करने का अपना ही मजा है दोस्तों........... चाहे साल भर हमारी माँ की हमने खैर खबर भी न ली हो, चाहे हमारे पास प्यार से उसके साथ बैठने के लिए दो पल की भी फुर्सत न हो पर अपने यार दोस्तों, रिश्तेदारों को सुबह सवेरे से ही हैप्पी मदर्स डे तो विश कर ही सकते हैं, ताकि कही कोई ये न कह दे की-------------------- "बड़े बिजी हो गए अब तो भाईसाहब, विश करने तक का टाइम नहीं है!" ----------------


बनाने वालों ने दिन फिक्स कर दिए और लोग ठहरे लकीर के फ़कीर....! अपने-अपने फायदे के हिसाब से उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं । इस तरह के दिनों के सहारे किसी के कार्ड बिक जाते हैं और किसी के फूल तो किसी के अन्य उपहार की चीजें , कुछ लोगो की पार्टियां हो जाती हैं और हो गई तसल्ली की चलो मना लिया स्पेशल दिन...!!

अब वो दिन नहीं रहे जब माँ की परिक्रमा को बेटे चार धाम की यात्रा माना करते थे, माँ की एक बात मूंह से निकलने पे द्रौपदी पांचाली बन गई थी. पर आज कहानी बिलकुल अलग है, आज के बच्चो को माँ यदि कुछ पूछना चाहे तो बच्चे कहेंगे, "ये आपके मतलब की बात नहीं है". ये तो आज का ट्रेंड बन गया है. मैंने देखा है कुछ घरो में जब बटवारा होता है और तो बेटे माँ-बाप को भी बाँट लेते हैं, और स्थिति तब ज्यादा दयनीय होती है जब पिता की मौत के बाद माँ बांटी जाती है........ मन में भावनाए नाम की नहीं हैं, ऐसे में ये मदर्स डे का दिखावा समझ में नहीं आता!!! आपको आए तो मुझको जरुर लिखना.



किसी खुशी या प्यार के इजहार, किसी के प्रति सम्मान व्यक्त करने या अपनी किसी भावना की अभिव्यक्ति के लिए साल के एक दिन की क्या जरुरत है???? साल के एक दिन वेलेंनटाईन डे को प्यार जाता दिया, हो गई प्रेम की पूर्ति, एक दिन धरती की फ़िक्र कर ली और पूरा हो गया वर्ल्ड अर्थ डे का औचित्य!! ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं। आप ही बताइये खुद को एक दिन में बांधकर कोई फायदा है क्या? पूरे साल उस कर्तव्य का निर्वाह भी होना चाहिए, पौधा लगाने का क्या मतलब जब तक उसकी सार-संभाल ना की जाए.

मेरा तो यही मानना है, की अपनी माँ के प्रति अपने प्यार का इजहार सिर्फ साल के एक दिन क्यों? ये रिश्ता तो जीवनपर्यंत है, जिसे हमेशा प्यार से निभाना है......

8 comments:

  1. God could nt be everywhere and therefore he made mothers......
    I remember,during school a kid in my class asked why there wasn't a kid day, and my teacher replied "Isn't every day kid day? Don't your parents cook for you, buy you things, and all that stuff every day?... Well, parents deserve a day too."
    Its a day to thank our mother 4 bringing us into this world and for all she does for us all years long..........

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  2. Gud gud very gud. Lagta hai aap kranti laake hi rahenge.

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  3. bahut achcha laga bhaiya..........

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  4. well said every day should be mother's day....

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  5. yes u r right ki har din ma ka, par mothers day ka matlab hai ki sirf wo din hum apni ma ke liye rakhe, na koi dost or na hi koi dushman, sirf or sirf ma qki sare din to hum apne jeevan ki bhagambhag me lage rahte hai par sara samay to ma ko nahi de sakte to kya hua ki agar humne apne pure saal me se ek din apni ma ko khush rakhne ki koshish ki, like birth day, valentine day, rose day n other festival. if a day can gives u n your mother lots of smile, happiness so y dont celebrate mothers day, one day only for our ma. but respect n love to ma in every day not for one day.

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  6. v don't need a special day 4 mothers bt thanking dem 4 everythin n givin dem due respect n luv.....s mothres day in true sense....

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  7. Lokeshji , this is marketing. Har rishta paise se tola jaane laga hai. Hum itne lobhi ho gaye hain. Ma ya baap ICU mein hain aur bacche unka dhyaan nahin rakhna chhahate. Main to roz yahin dekhta hoon. Kya mother's day kya father's day. Varun Kaul.

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